सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित “सेवा मेरा योगदान” गतिविधि के तहत स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष साफ-सफाई अभियान आयोजित किया गया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के दिशा-निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मैदानी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य संस्थाओं के अंदर एवं आसपास व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित कीं।
अभियान के दौरान अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के परिसरों में विशेष साफ-सफाई की गई। स्वास्थ्य संस्थाओं से निकलने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे को निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पृथक-पृथक संग्रहित कर उसका समुचित निष्पादन सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य संस्थाओं में नियमित स्वच्छता बनाए रखने और मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ वातावरण में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।
जिले में स्वास्थ्य संस्थाओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिले की 22 चयनित स्वास्थ्य संस्थाओं में यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से WASH (जल, स्वच्छता एवं साफ-सफाई) तथा जलवायु अनुकूलन पर कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से इन संस्थाओं को बेहतर जल एवं स्वच्छता सुविधाओं के साथ जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य संस्थाओं के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जितिन भार्गव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री आर.आर. खन्ना WASH मेंटर के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। वहीं यूनिसेफ के सहयोग से श्री अजहर उल्ला खान रिसोर्स पर्सन के रूप में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
WASH कार्यक्रम को गति प्रदान करने के लिए इस वर्ष स्वास्थ्य संस्था प्रभारियों, कर्मचारियों एवं सफाईकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। चयनित स्वास्थ्य संस्थाओं का WASH कार्यक्रम के अंतर्गत मूल्यांकन कर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता मानकों को प्रभावी रूप से लागू करने के प्रयासों के फलस्वरूप जिले की 110 स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन में प्रमाणित हुई हैं।
“सेवा मेरा योगदान” गतिविधि के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों के साथ समुदाय को भी स्वच्छता से जोड़ने का संदेश दिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता को केवल एक दिवस की गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने तथा जनभागीदारी से स्वास्थ्य परिसरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया गया।
