केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय अपने लंबित मामलों के समय पर निपटान, बेहतर स्वच्छता और स्थान प्रबंधन, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदान करने के केंद्रित दृष्टिकोण के साथ अपने विशेष अभियान-6 को लागू कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों, जिनमें सांसदों (MPs) के संदर्भ, राज्य सरकारों के संदर्भ, मंत्रालयों के बीच के संचार, संसदीय आश्वासन, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संदर्भ और लोक शिकायतें शामिल हैं, उन सभी समाधानो को तेज करना है। यह प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, लंबित मामलों को कम करने और नागरिकों के हित में मामलों के त्वरित निपटान को सुविधाजनक बनाने का प्रयास करता है।

इस अभियान में मौजूदा नियमों, विनियमों और प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा भी शामिल है, ताकि अनावश्यक अनुपालन आवश्यकताओं की पहचान की जा सके और उन्हें समाप्त किया जा सके। प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके और अधिक कुशल एवं नागरिक-अनुकूल विनियामक ढांचे को बढ़ावा दिया जा सके।

इस अभियान का एक प्रमुख फोकस मंत्रालय के संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में स्वच्छता और स्थान के उपयोग में सुधार करना है। अव्यवस्था को कम करने, उपलब्ध स्थान को अनुकूलित करने और स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उत्पादक कार्यस्थल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लागू पर्यावरण मानदंडों के अनुसार ई-कचरे के उचित संग्रह, उसके पृथक्करण और निपटान पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

इस अभियान की तैयारी चरण (15–30 सितंबर 2026) के दौरान, मंत्रालय ने प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए, जिनमें एक लाख से अधिक भौतिक फाइलों की समीक्षा और व्यवस्थित करना, देशभर में 2,000 से अधिक स्थानों पर स्वच्छता और स्थान खाली करने की गतिविधियाँ करके एक लाख वर्ग फुट से अधिक उपयोगी स्थान बनाना, और 30,000 से अधिक लोक शिकायतों और 5,000 से अधिक शिकायत अपील का निपटान करना शामिल है।

कार्यान्वयन चरण (2–31 अक्टूबर 2026) की शुरुआत के साथ, मंत्रालय तैयारी चरण के दौरान हासिल की गई प्रगति पर आधारित कार्य करेगा। पहचाने गए लक्ष्यों को प्राप्त करने, लंबित मामलों को कम करने, कार्यस्थल की स्थिति में सुधार करने, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और कुशल एवं नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदान करने को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।