मुख्यमंत्री जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जैविक हाट का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा उपस्थित रहीं।

जैविक उत्पादों के उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस अवसर पर कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने जैविक उत्पादों की खरीदी करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों के उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने किसानों एवं आमजन को जैविक खेती तथा स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।

विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के सेवा काल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जन सेवा अभियान के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा अपने भोजन में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने की बात कही। उन्होंने जिले के किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदारपुर सिंह मेड़ा ने जैविक हाट के शुभारंभ को जन सेवा अभियान के अंतर्गत महत्वपूर्ण एवं अच्छी पहल बताते हुए कहा कि यह किसानों एवं आमजन दोनों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली को देखते हुए स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ एवं पौष्टिक आहार आवश्यक है।

भारतीय किसान संघ के प्रांतीय मंत्री श्री अमोल पाटीदार ने पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ खेती को ध्यान में रखते हुए जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों को सामान्य कृषि उत्पादों की तुलना में उचित एवं बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद यदि किसानों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य मिले तो जैविक खेती को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

जैविक हाट में जिले के विभिन्न विकासखंडों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान उत्साहपूर्वक अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। किसानों द्वारा लौकी, गिलकी, भिंडी, धनिया, सौंफ, दालें, अरहर, चना, मूंग, गेहूं, ज्वार, रागी, मसाले, मिर्ची, हल्दी सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का विक्रय किया गया। इसके साथ ही गिर नस्ल के शुद्ध घी की लगभग 30 लीटर मात्रा का भी विक्रय हुआ, जिसकी कीमत लगभग 75 हजार रुपये रही।

गेहूं, दाल एवं अन्य जैविक उत्पादों सहित कुल 1.50 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई।

प्रत्येक शनिवार लगेगा जैविक हाट

जैविक हाट का आयोजन अब प्रत्येक शनिवार किया जाएगा। इसमें जिले के किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उचित एवं बेहतर मूल्य पर बेच सकेंगे। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम का संक्षिप्त उद्बोधन उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया द्वारा दिया गया।

उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड से किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद लेकर जैविक हाट में पहुंचे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों द्वारा किसानों से स्वयं जैविक उत्पादों की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। कृषि विभाग की ओर से जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए किसानों को प्रिंटेड बैग भी वितरित किए गए। साथ ही अतिथियों का स्वागत जैविक उत्पादों की टोकरी भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम के अंत में परियोजना संचालक आत्मा श्री के.एस. झणिया द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, किसान एवं आमजन उपस्थित रहे। जैविक हाट के माध्यम से जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा आमजन को रसायन मुक्त एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।