भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला में आयोजित हिंदी माह का आज समापन हुआ। पूल थियेटर में आयोजित समापन समारोह में हिंदी माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दूरदर्शन केंद्र, शिमला की उप निदेशिका श्रीमती नंदिनी मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर माननीय निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी द्वारा श्रीमती नंदिनी मित्तल को पारंपरिक हिमाचली टोपी एवं स्कार्फ भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में स्वागत वक्तव्य देते हुए डॉ. अखिलेश पाठक, सचिव, राजभाषा ने कहा कि हिंदी माह केवल एक निर्धारित अवधि में आयोजित होने वाली गतिविधियों तक सीमित न रहकर हिंदी के नियमित एवं प्रभावी प्रयोग की दिशा में प्रेरणा का माध्यम होना चाहिए।
हिंदी माह के दौरान संस्थान में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें निबंध, स्वरचित कविता पाठ, वाद-विवाद, हिंदी टंकण, अनुवाद, टिप्पणी/आलेखन तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हिंदी के विभिन्न भाषायी एवं रचनात्मक पक्षों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त राजभाषा हिन्दी में अधिक कार्यालयी कार्य करने हेतु वाले दस कर्मचारियों को भी इस अवसर पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा प्रोत्साहन श्रेणी में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एवं माननीय निदेशक द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता समूहों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती नंदिनी मित्तल ने अपने संबोधन में हिंदी तथा प्रभावी संप्रेषण के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदी के व्यापक प्रयोग तथा भाषा को जनसंचार और सामाजिक संवाद से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी, निदेशक, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने हिंदी के प्रयोग को संस्थागत कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनाए जाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी के प्रति जागरूकता और उत्साह को नियमित कार्यालयी कार्य-व्यवहार में निरंतर बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर संजय भट्ट, अध्येता, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान एवं अध्यक्ष, हिंदी माह आयोजन समिति द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। समारोह का समापन वंदे मातरम् तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।
हिंदी माह के समापन अवसर पर यह संदेश भी उभरकर सामने आया कि हिंदी के प्रति जागरूकता और उसके प्रयोग को केवल हिंदी माह तक सीमित न रखकर संस्थान के दैनिक कार्यालयी कार्य, संवाद और ज्ञान-सृजन में निरंतर आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।




