भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में विद्युत झटके एवं फ्लैशओवर जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता परखने के उद्देश्य से 29 सितंबर 2026 को त्रैमासिक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कारखाना अधिनियम के प्रावधानों तथा व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन और पर्यावरण प्रबंधन से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित यह अभ्यास प्रथम पाली में प्रातः 11 बजे क्रेन सबस्टेशन-1 के क्यूबिकल नंबर 6एफ1, एचआई बे के प्रवेश क्षेत्र में किया गया।

मॉक ड्रिल का परिदृश्य एयर सर्किट ब्रेकर (एसीबी) की रैकिंग-इन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न विद्युत आपात स्थिति पर आधारित था। अभ्यास के दौरान एयर सर्किट ब्रेकर के मूविंग कॉन्टैक्ट जॉज के ढीले होकर अपने स्थान से विस्थापित होने तथा चार्ज्ड इनकमिंग बसबार फेजों के बीच शॉर्ट सर्किट के कारण फ्लैशओवर की स्थिति उत्पन्न होने की परिकल्पना की गई। इस दौरान एक तकनीशियन और एक हेल्पर सहित दो कर्मचारियों के विद्युत झटके एवं फ्लैशओवर से घायल होकर बेहोश होने का परिदृश्य बनाया गया तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई का अभ्यास किया गया।

आपात स्थिति की सूचना मिलते ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सायरन बजाया गया और संबंधित विभागों तथा आपातकालीन एजेंसियों को तत्काल सूचना दी गई। मॉक ड्रिल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), फायर ब्रिगेड, मेन मेडिकल तथा सिविल डिफेंस की टीमों ने त्वरित समन्वय के साथ बचाव कार्य किया। प्रभावित कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाया गया। बेहोश कर्मचारी को भी समन्वित प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। ड्रिल के निर्धारित परिदृश्य के अनुसार मेन मेडिकल पोस्ट ने सभी प्रभावित व्यक्तियों की स्थिति सामान्य बताई।

इसके बाद पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी व्यक्ति जोखिम में नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद फायर ब्रिगेड ने विभागाध्यक्ष को ‘ऑल क्लियर’ संकेत दिया। इसके पश्चात एरिया इंचार्ज द्वारा सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की गई।

करीब 25 मिनट तक चले मॉक ड्रिल में विद्युत आपात स्थिति के दौरान बचाव कार्य, घायल कर्मचारियों को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाने, प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच आपातकालीन समन्वय की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। लगभग 10 मिनट की मुख्य आपातकालीन एक्सरसाइज के दौरान सभी संबंधित टीमों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आपसी समन्वय के साथ कार्य किया।

ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) श्री त्रिभुवन बैठा ने सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और अनुशासित कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास वास्तविक आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और आपात प्रतिक्रिया समय को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मॉक ड्रिल के सफल आयोजन में उप महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), स्टील मेल्टिंग शॉप-3 श्री रजत सरकार, महाप्रबंधक एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) श्री उमाशंकर परगनिहा सहित संबंधित विभागों और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समग्र रूप से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया और कर्मचारियों में सुरक्षा जागरूकता का प्रदर्शन हुआ।