सक्षम साथिया-सशक्त समुदाय अभियान’ के तहत जिला स्तरीय साथिया समागम कार्यक्रम संपन्न
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सक्षम साथिया-सशक्त समुदाय अभियान’ के तहत 27 सितंबर को जिला स्तरीय साथिया समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किशोर-किशोरियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता तथा समुदाय स्तर पर साथिया की भूमिका को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी सहित उपस्थित अधिकारियों द्वारा सरस्वती पूजन के साथ किया गया। साथिया प्रियंका पटेल एवं सोनू ने मंच संचालन किया तथा अतिथियों का स्वागत किया। साथिया गरिमा ने समागम के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
असफलता से निराश न हों, निरंतर प्रयास करते रहें
मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी ने साथिया एवं किशोर-किशोरियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए तीन बार प्रयास किया। शुरुआती दो प्रयासों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा और तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्होंने किशोर-किशोरियों से कहा कि असफलता से निराश नहीं होना चाहिए। सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से बेहतर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
किशोरों की जिज्ञासाओं और समस्याओं में साथिया की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता ने कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु में किशोर-किशोरियों के जीवन में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर अनेक बदलाव आते हैं। इस दौरान उनके मन में कई जिज्ञासाएं और प्रश्न होते हैं, जिन्हें वे कई बार माता-पिता से साझा नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में साथिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने साथिया से किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
DHO-2 डॉ. एस. प्रजापति ने जिले में साथिया द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राजेंद्र खरे ने साथिया के चयन, भूमिका, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गीत, रोल प्ले और पेंटिंग से दिया किशोर स्वास्थ्य का संदेश
समागम में साथिया द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। गीत, रोल प्ले, सफलता की कहानी, कविता, भजन एवं पेंटिंग सहित विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य संबंधी विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथिया द्वारा तैयार पेंटिंग एवं चार्ट के माध्यम से राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की थीम को भी समझाया गया।
जिला समन्वयक दीपेश नायक ने कार्यक्रम एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी देते हुए साथिया एवं मैदानी अमले द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया।
आईसेक्ट संस्था के राज्य समन्वयक आर.के. भारद्वाज ने साथिया की गतिविधियों एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया तथा पोर्टल पर की जाने वाली रिपोर्टिंग की जानकारी दी। डीसीएम एम.एल. बर्मन ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों पर जानकारी दी।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जीतेन्द्र विश्वकर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की प्रगति एवं सक्षम साथिया-सशक्त समुदाय अभियान की जानकारी दी। उमंग हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर द्वारा जीवन कौशल एवं सफलता की कहानियां साझा की गईं। अतिथियों ने उमंग कॉर्नर एवं साथिया कॉर्नर का अवलोकन किया और किशोर स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्टाफ, साथिया, आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर, सरपंच एवं सचिव को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में DHO-2 डॉ. एस. प्रजापति, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राजेंद्र खरे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आनंद चौरसिया, जिला समन्वयक RKSK दीपेश नायक, डीसीएम एम.एल. बर्मन, आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम, आईसेक्ट के राज्य समन्वयक आर.के. भारद्वाज, बीएमओ, बीसीएम, बीपीएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, आशा कार्यकर्ता, साथिया एवं संबंधित स्टाफ उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर जिला समन्वयक द्वारा आगामी गतिविधियों एवं कार्ययोजना की जानकारी देते हुए समुदाय स्तर पर किशोर स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए साथिया को प्रेरित किया गया।


