बीमारी प्रभावित बैहर एवं बिरसा विकासखंड के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता का व्यवहारिक पाठ पढ़ाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संक्रमण एवं बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से बच्चों को हाथ धोने की सही विधि का प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को केवल हाथ धोने की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि उन्हें साबुन और स्वच्छ पानी से हाथ धोने का प्रत्यक्ष अभ्यास भी कराया।आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को समझाया गया कि हाथों की स्वच्छता कई प्रकार के संक्रमण से बचाव का आसान और प्रभावी उपाय है। कार्यकर्ताओं ने हाथ धोने के विभिन्न चरणों का प्रदर्शन करते हुए बच्चों से भी उसी क्रम में हाथ धुलवाए।
बच्चों ने उत्साह के साथ गतिविधि में भाग लिया और सही तरीके से हाथ धोने का अभ्यास किया। बच्चों को विशेष रूप से भोजन करने से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद तथा गंदगी के संपर्क में आने के पश्चात हाथों को साबुन एवं स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों ने नियमित रूप से हाथ धोने और स्वच्छता का ध्यान रखने का संकल्प भी लिया।महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रयास है कि बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ-साथ उनके दैनिक व्यवहार में स्वच्छता की आदतों को भी मजबूत किया जाए।
हैंडवॉश जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को छोटी उम्र से ही स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद मिल सके।आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजित यह गतिविधि बच्चों के लिए सीखने के साथ-साथ व्यवहार में स्वच्छता अपनाने का अवसर बनी। बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छ हाथ, स्वस्थ बचपन की पहली सीढ़ी हैं।




